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स्वागत है आपका ख़ुशी कंप्यूटर के लर्निंग सेण्टर 

Tally Letest

 

 

 

Lesson -1 

टैली क्या है (What is Tally)
    हमारे जीवन मे अंकाउंट का काफी महत्त्व है। व्यवसाय में रिकार्ड को तैयार करना व उसे मेंटेन रखने के लिऐ, सरकारी कार्यलयों में विभिन्न खाते तैयार करने और व्यवसायियों के लिऐ यह काफी आवश्यक है। अकाउंटिंग प्रत्येक व्यक्ति के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना धन।

टैली का अर्थ रुपयो कि अकाउंटिंग करना गिनना व्यवस्थापन व रिकार्ड रखना है।माल कहा गया कहा से आया किस चीज़  पर व्यय हुआ आज कितना व्यय हुआ ।कितना माल  निकाला किसने निकाला ये सब कार्य  टैली के अन्तर्गत आते है।

 

    Tally एक अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर हैं, जो Tally Solutions Pvt. Ltd एक बहुराष्ट्रीय भारतीय कम्पनी द्वारा निर्मित कंप्यूटर सॉफ्टवेयर हैं सामान्य बोलचाल में tally को अकाउंटिंग से ही जोड़कर देखा जाता हैं, अपने व्यापार में किसी कम्पनी के वितीय लेन-देन (इनकम/खर्चे) को लिखकर रखना ही एकाउंटिंग हैं। पहले के जमाने में इसे बहियों में हाथ से लिखकर रखा जाता हैं, समय के बदलाव के साथ ही,  कम्पनी के अकाउंट को मेंटेन करने के लिए आज कंप्यूटर का उपयोग किया जाता हैं।

 

     कंप्यूटर में जब एकाउंटिंग की बात आती हैं, तो एक ही सॉफ्टवेयर जेहन में आता हैं वो हैं टैली । व्यवसायिक व्यवहार और खातों को कंप्यूटर में सहेज कर रखने वाली टैली  प्रदाता कम्पनी का मुख्य कार्यालय बेंगलोर में हैं । भारत के अलावा कई अन्य देशों में यह टैली  सॉफ्टवेयर बेहद प्रचलित हैं, बिजनेस मैनेजमेंट में टैली  सबसे महत्वपूर्ण पहलु हैं।

पुस्तको रजिस्टर डायरी मे हम स्केल पेन्सिल से लाइने खीच -खीच  कर काॅलम बनाकर सब कुछ व्यवस्थित करते है और साथ मे गिनती के लिऐ केलकुलेटर भी रखते है।इस सब के बजाय कम्पयूटर पर एक साॅफ्टवेयर मिल जाता है जिस पर बिना  परेशानी के काॅलम बनाना ग्राफ चेक करना एकाउंटिंग करना ,रिकॉर्ड रखना सब आसानी से किया जा सकता है बस यही टैली है।

 

     जैसे कंम्पनी के कर्मचारियों के भुगतान,कंपनी के साधनो पर आय व्यय,बैंक के विभिन्न खाते,लेन – देन रिकोर्ड ये सब टैली के काम है। बिजनेस के प्रकारो के विस्तार के साथ टैली का विकास व उपयोग भी अलग- अलग और आसानी से हो रहा है।

 

      टैली भारत और विदेशों में सर्वाधिक लोकप्रिय फाइनेंशियल अकाउंटिंग साँफ्टवेयर है। अपने आसान उपयोग, सरलता, यूजर अनुकूलता और विश्वसनीयता की वजह से ही इसने चार्टर्ड अकाउंटेंट्रस, अॅाडिटर्स एवं अन्य वित्तीय संस्थानों के मध्य ख्याति अर्जित की है। छोटे व्यवसाय से लेकर वृहद प्रतिष्ठान तक लगभग प्रत्येक कम्पनी द्वारा अपने लेखांकन प्रयोजन हेतु टैली का प्रयोग किया जा रहा है। वे कंप्यूटर का उपयोग जानने वाले और टैली में प्रशिक्षित कर्मचारी चाहते हैँ। पारंपरिक बही खाता लेखन विधियों को पूरी तरह से टैली के साथ प्रतिस्थापित किया जा चुका है।

       टैली का प्रारंभिक रिलीज Tally 4.5 version था । इस Dos आधारित Software को 1990 के दशक के प्रारंभ में जारी किया गया था। यह बुनियादी वित्तीय लेखांकन उपकरण था। उन दिनों पर्सनल कंप्यूटर्स भारत में लोकप्रियता अर्जित कर रहे थे। Petronius  (टैली को विकसित करने वाली कम्पनी) ने इस सुअवसर का लाभ उठाया और बाजार में अपना टैली 4.5 Version प्रस्तुत कर दिया। मोटी-मोटी जिल्द की गई बहियों की भारी-कम मात्रा को हिसाब-किताब हेतु प्रयुक्त करने वाले लेखा परीक्षक और अकाउंटेंट्स कुछ ही पलों के भीतर बैलेंस शीट्स एवं लाभ-हानि खातों की गणना करने की टैली की क्षमता देखकर हैरान रह गए। इतना सब कुछ करने के लिए हमें मात्र लेजर्स निर्मित करना और वाउचर्स में एंट्री करनी  होती हैं। शेष कार्य टैली करता है। वह हमारे लिए सभी स्टेटमेंट्स, ट्रायल बैलेंस और बैलेंस शीट बना देगा।

 

     टैली के आगे चलकर Tally 5.4, Tally 6.3, Tally 7.2 Tally 8.1  और Tally 9.0 version जारी किये गए। इन संस्करणों  के अंतर्गत कंपनी के स्टॉक प्रबंधन हेतु प्रयुक्त होने वाली इनवेंटरी, कर्मवारियों की वेतन गणना एवं मजदूरी भुगतानों के लिए प्रयुक्त होने वाले पेरोल हेतु समर्थन और हिन्दी, तमिल, तेलगु, कन्नड, मलयालम, गुजराती, मराठी व अन्य बहुत सी भारतीय भाषाओं के लिए बहुभाषी  समर्थन सम्मिलित किया गया है।

What is Accounting  (अकाउंटिंग क्या है ?)
     आधुनिक व्यवसाय का आकार इतना विस्तृत हो गया है कि इसमें सैकड़ों, सहस्त्रों व अरबों व्यावसायिक लेनदेन होते रहते हैं। इन लेन देनों के ब्यौरे को याद रखकर व्यावसायिक उपक्रम का संचालन करना असम्भव है। अतः इन लेनदेनों का क्रमबद्ध अभिलेख (records) रखे जाते हैं उनके क्रमबद्ध ज्ञान व प्रयोग-कला को ही लेखाशास्त्र कहते हैं। लेखाशास्त्र के व्यावहारिक रूप को लेखांकन कह सकते हैं। अमेरिकन इन्स्ट्टीयूट ऑफ सर्टिफाइड पब्लिक अकाउन्टैन्ट्स (AICPA) की लेखांकन शब्दावली, बुलेटिन के अनुसार ‘‘लेखांकन उन व्यवहारों और घटनाओं को, जो कि कम से कम अंशतः वित्तीय प्रकृति के है, मुद्रा के रूप में प्रभावपूर्ण तरीके से लिखने, वर्गीकृत करने तथा सारांश निकालने एवं उनके परिणामों की व्याख्या करने की कला है।’’

 

    इस परिभाषा के अनुसार लेखांकन एक कला है, विज्ञान नहीं। इस कला का उपयोग वित्तीय प्रकृति के मुद्रा में मापनीय व्यवहारों और घटनाओं के अभिलेखन, वर्गीकरण, संक्षेपण और निर्वचन के लिए किया जाता है।

     किसी व्यवसाय के वित्तीय लेनदेन का लेखा-जोखा रखने, उसका सारांश प्रस्तुत करने, रिपोर्टिंग तथा विश्लेषण करने की कला को ही एकाउंटिंग कहा जाता है। एकाउंटिंग का कार्यभार संभालने वाले व्यक्ति को एक अकाउंटेंट के रूप में जाना जाता है तथा अकाउंटेंट की भूमिका किसी रिकॉर्ड-कीपर के समान ही होती है। हालांकि, एकाउंटिंग को अब प्रबंधन का एक ऐसा उपकरण माना जाता है जो संगठन के भविष्य के विषय में महत्वर्पूण जानकारी देता है।

     स्मिथ एवं एशबर्न ने उपर्युक्त परिभाषा को कुछ सुधार के साथ प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार ‘लेखांकन मुख्यतः वित्तीय प्रकृति के व्यावसायिक लेनदेनों और घटनाओं के अभिलेखन तथा वर्गीकरण का विज्ञान है और उन लेनदेनें और घटनाओं का महत्वपूर्ण सारांश बनाने, विश्लेषण तथा व्याख्या करने और परिणामों को उन व्यक्तियों को सम्प्रेषित करने की कला है, जिन्हें निर्णय लेने हैं।’ इस परिभाषा के अनुसार लेखांकन विज्ञान और कला दोनों ही है। किन्तु यह एक पूर्ण निश्चित विज्ञान न होकर लगभग पूर्ण विज्ञान है।

Features of Tally(टैली की विशेषताएँ)
     प्रतिस्पर्धा और बढते व्यवसाय की इस दुनिया में जहाँ टैली ने सभी सीमाओं को पार कर लिया है वहीं यह एक ऐसा सर्वश्रेष्ठ, विश्वसनीय, तीव्रतम अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर बन गया है जो व्यवसाय की जटिलता अकाउंटिंग आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। टैली एक ऐसा सर्वाधिक शक्तिशाली, बहुभाषी और  बिजनेस अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर है जो विभिन्न अकाउंटिंग स्टॉक और अन्य सर्वाधिक रिपोर्ट्स को एक ही बटन के क्लिक पर रिकॉर्ड करते हुए पब्लिश करने में सहायता प्रदान करता है। इस अनोखे अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में निहित विभिन्न फीचर्स और इसके लाभ निम्नानुसार हैं।

  • टैली का उपयोग करना अत्यंत सरल है क्योंकि इसे त्वरित्त (तुरंत) डेटा एंट्री और पलक झपकने की गति से अकाउंटिंग संबंधी जानकारी प्राप्त करने में सक्षम बनाया गया है।

  • यह user द्वारा Selected language में अकाउंटिंग रिकार्डस को रिकॉर्ड करने, उन्हें देखने और उत्पन्न करने में सक्षम बनाता है। यह टैली के महत्वपूर्ण फीचर्स में से एक है।

  • यह 99999 कंपनीज का रिकार्ड एक साथ सुरक्षित रखने की अनुमति प्रदान करता है।

  • टैली के प्रमुख फीचर्स में से एक यह है कि यह उन कंपनीज के लिये रिपोर्ट्स क्रिएट करने में सक्षम बनाता है जहाँ पर एक से अधिकलोकेशन्स के अकाउट्स का प्रबंधन किया जाता है।

  • टैली द्वारा एक से अधिक विस्तृत डेटा को समतुल्य और अपडेट किया जाता है।

  • टैली द्वारा कलेक्शन रिमाइंडर्स दिया जाना सुनिश्चित करते हुये बेहतर नकदी प्रवाह में सहायता की जाती है जो ब्याज की बचत में भी सहायक होता है।

  • टैली भुगतान के मामले मेंखराब डेबिटर्स और बकाएदारों की पहचान करने में सक्षम बनाता है।

  • टैली हमें कंपनी की उस इनवेटरी के प्रबंधन में सहायता प्रदान करता है जो प्रोडक्ट अनुसार इनवेटरी लेवल ज्ञात करने में सक्षम होती है तथा यूजर द्वारा तय स्तर पर विभिन्न प्रोडक्ट्स के लिये रीआर्डर लेवल ज्ञात करने में भी सक्षम होती है।

  • टैली के फीचर्स में प्रोडक्ट अनुसार तथा इनवॉइस अनुसार लाभदेयता विश्लेषण (cost benefit analysis) तैयार करना भी शामिल है।

  • टैली के उपयोगी लाभों में से एक यह है कि यह हमें एकाधिक अवधियों के लिये परफॉर्मेंस लेवल्स को समझने तथा विश्लेषित करने में सक्षम बनाता है। यह हमें कस्टमर बाइंग पैटर्न समझने में सक्षम बनाता है।

  • यह स्टॉक की ट्रेकिंग (निगरानी) में सक्षम है ।

  • यह हमें एक से अधिक वेयरहाउस लोकेशन पर निगरानी करने में सक्षम बनाता है जिससे हमें कंडीशन के आधार पर निर्णय लेने में सुविधा होती है ।

  • टैली विभिन्न अकाउंटिंग अनुपातों की गणना करने में सक्षम है जो कार्य-निष्पादन की निगरानी करने में सहायता करते है और शीर्घ एवं सही निर्णय लेने में सक्षम बनाते है।

  • यह हमें लागत और लाभ केद्र का विश्लेषण (cost center analysis) करने में सक्षम बनाता है। यह टैली के सबसे उपयागी फीचर्स मे से एक है ।

Golden Rules of Accounts(अकाउंटिंग के नियम)
    Transaction करते समय, हमें डेबिट या क्रेडिट साइड का फैसला करना होता है। इसके निम्नलिखित नियम हैं –

 

Personal Accounts  (व्यक्तिगत खाते )
पाने वाले को डेबिट

देने वाले को क्रेडिट

Debit : The Receiver or Debtor

Credit : The Giver or Creditor

 

Real Accounts(वस्तुगत खाते )
जो वस्तु व्यापार में आए उसे डेबिट करो

जो वस्तु व्यापार से जाए उसे क्रेडिट  करो

Debit : What comes in

Credit : What goes out

 

Nominal Accounts(नाममात्र के खाते )
समस्त प्रकार के खर्चे और हानियों को डेबिट करो

समस्त प्रकार के आय  और लाभों को क्रेडिट  करो

Debit : All Expenses & Losses

Credit : All Incomes & Gains

Tally screen components (टैली स्क्रीन कोम्पोंनेट )
      टैली में कार्य प्रारंभ करने के पूर्व टैली स्क्रीन के विभिन्न कंपोनेंट्स के साथ अपने आपको परिचित कर लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस स्क्रीन  में शामिल विभिन्न कम्पोनेंट्स निम्नानुसार होते हैं।

1. Title Bar :- Tally का Version दिखाता है ।

2. Horizontal button bar :– Language key, Key board  और Tally help को select करने का आप्शन  प्रोवाइड करता है।

 

3. Minimise button :- स्टैंडर्ड विंडोज आपरेटिंग सिस्टम्स फंक्शन निष्पादित करता है, हमें टैली को मिनिमाइज करने और अन्य एप्लिकेशन्स पर कार्य करने की  अनुमति देता है। टैली को रीस्टोर करने के लिए टास्कबार पर टैली के आइकॉन को क्लिक करें।

 

4. Gateway of Tally :- मेन्यूज, स्क्रीन्स, रिपोर्टस् प्रदर्शित करता है तथा उन विकल्पों व आंप्शन्स को स्वीकार करता है,जिन्हें हम डेटा
को अपनी इच्छानुसार देखने हेतु चुनते हैं।

 

5. Button tool bar :- टैली के साथ त्वरित सहभागिता प्रदान करने वाले बटन्स दर्शाता है। केवल वे ही बटन्स दिखाई देते हैं जो वर्तमान कार्य से संबंधित होते हैं।

 

6. Calculator  :- कैलक्यूलेटर का प्रयोग कैलकुलेशन करने के लिए किया जाता है।

 

7. Bottom Pen :- Version , रिलीज संबंधी डिटेल , वर्तमान दिनांक व सिस्टम टाईम दर्शाता है।

 

8. Language Button :– यूजर को लैंग्वेज कॉन्फ़िगर करने की अनुमति देता है।

9. Keyboard Button :- यूजर को फोनेटिक कीबोर्ड हेतु लैंग्वेज कॉन्फ़िगर करने की अनुमति देता है।

Charts of Accounting in Tally(टैली में अकाउंटिंग चार्ट्स)
     चार्ट ऑफ़ एकाउंट्स वस्तुतः बैलेंस शीट के दायित्व (liabilities) एवं संपत्ति (assets) तथा लाभ एवं हानि (profit & loss ) अकाउंट के इनकम एवं एक्सपेंसेस का पृथक्करण (Separation ) होता है| यह अकाउंट ग्रुप और लेजर अकाउंट के संगठन का पदानुक्रमिक दृश्य (Hierarchical view ) प्रस्तुत करता है | टैली में हम इस Hierarchical structure को व्यवस्थित कर सकते हैं अर्थात अकाउंट के किसी चार्ट की रचना करते समय यह लचीलापन (Flexibility) प्रदान करता है | यह अकाउंट चार्ट की रचना करते समय ही हमारे लेजर अकाउंट को ग्रुप किए जाने की अनुमति देता है | हमारी रिपोर्ट और स्टेटमेंट हर समय वांछित वर्गीकरण (Desired classification)को  प्रतिबिंबित करते रहते है |

 

     जैसे ही हम व्यापारिक लेखांकन सिद्धांतों के आधार पर कंपनी बनाते हैं | टैली रिवर्सड ग्रुपस कहलाने वाले 28 पूर्व -निर्धारित अकाउंट ग्रुप्स अपने आप बना देता है |इन ग्रुप्स में लेजर को वर्गीकृत किया जा सकता है|

    हम इन ग्रुप्स को Gateway of Tally →Display→ List of Accounts पर जाकर देख सकते हैं | List of Account द्वारा ग्रुप के रूप में सूचीबद्ध किया गया विद्यमान चार्ट ऑफ़ एकाउंट्स प्रदर्शित किया जाता है जो अल्फाबेटिक क्रम में होता है हम लेजर नेम हेतु ऊपर-नीचे देख सकते हैं और एंटर दबाते हुए उसके विवरण बदल सकते हैं | विवरणों को घटाने हेतु वैकल्पिक रूप से ग्रुप हेड से Shift+ Enter keys का प्रयोग किया जाता है |

 

     कैपिटल अथवा रिवेन्यू एवं अधिक विशिष्ट एसेट्स , लाइबिलिटी , इनकम तथा एक्सपेंडिचर के रूप में प्रस्तुत किए जाने वाले एकाउंटिंग सिस्टम की एकरूपता व अखंडता बनाए रखने के लिए रिवर्सड ग्रुपस के अंतर्गत सिस्टम में विशिष्ट प्रॉपर्टी और बिहेवियर विद्यमान होता है| ग्रुपस यह पता लगाते हैं कि क्या वे समान रूप मे से प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट को प्रभावित करेंगे जो कि प्रकृति रिवेन्यू में होता है अथवा बैलेंस सीट को प्रभावित करेंगे जो प्रकृति में �

प्रकृति रिवेन्यू में होता है अथवा बैलेंस सीट को प्रभावित करेंगे जो प्रकृति में कैपिटल होती है | इन रिवर्सड एकाउंट्स ग्रुपस में से 15 टॉप लेवल प्राइमरी ग्रुपस होते हैं और शेष 13सब- ग्रुपस होते हैं |


15 पूर्व-निर्धारित प्राइमरी ग्रुप :
 

1. 9 प्राइमरी ग्रुप्स जो प्रकृति में कैपिटल होते हैं उनको बैलेंस शीट में प्रदर्शित किया जाता है |
 

2. प्राइमरी ग्रुप जो प्रकृति में रिवेन्यू होते हैं उनको प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में प्रदर्शित किया जाता है |
सभी 13 सब- ग्रुपस को 9 प्राइमरी ग्रुप के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाता है जो प्रकृति में कैपिटल होते हैं तथा उन्हें बैलेंस शीट में प्रस्तुत किया जाता है |

 

   टैली में कैश( कैश इन हैंड ग्रुप के अंतर्गत) और प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट(प्राइमरी ग्रुप के अंतर्गत) पूर्व निर्धारित लेजर होते हैं |

 

Cash: इस लेजर को कैश-इन-हैंड ग्रुप के अंतर्गत बनाया जाता है| हम जिस दिनांक से बहिया प्रारंभ हो रही हैं वहीं से ओपनिंग बैलेंस की प्रविष्टि कर सकते हैं | हम नाम को बदल भी सकते हैं तथा साथ ही लेजर को डिलीट भी कर सकते हैं 
 

Profit and Loss Account : इस लेजर को प्राइमरी ग्रुप के अंतर्गत बनाया जाता है इस लेजर के लिए गत वर्षो की लाभ तथा हानि को ओपनिंग बैलेंस के रूप में प्रविष्ट किया जाता है | यहां प्रविष्टि किये गए बैलेंस को ओपनिंग प्रॉफिट एंड लॉस के रूप में माना जाता है और इसे बैलेंस शीट में लाइबिलिटी पक्ष के अंतर्गत प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट ओपनिंग बैलेंस के रुप में प्रदर्शित दर्शाया जाता है | इस लेजर को हम डिलीट नहीं कर सकते है परंतु संशोधित तो कर ही सकते हैं |
 

     सभी चाइल्ड ग्रुप्स और लेजर्स द्वारा पेरेट रिजवर्ड ग्रुप की विशिष्ट प्रॉपर्टीज को इन्हेरिट किया जाता है। विस्तृत ट्रांसेक्शन्स दर्ज किये जाने के लिए हमे अपनी पसंद के और अधिक लेजर्स,ग्रुप्स तथा सुब ग्रुप्स जोड़ने की आवश्यकता होती है |

 

     अकाउंट की बहियो में लेजर्स द्वारा एसेट्स,लायबिलिटीज,इनकम,अथवा एक्सपेंसेस को प्रभावित किया जाता है, किसी ट्रांसेक्शन की प्रविष्ट करने के तुरंत पश्चात् टैली द्वारा प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट तथा बैलेंस शीट उत्पन्न की जा सकती है | यह सुविस्तृत फाइनेंशियल स्टेटमेंट और रिपोर्ट्स की श्रंखला भी उत्पन्न कर सकता है |

 

List of Tally Ledgers for Trading Account (ट्रेडिंग अकाउंट के लिए टैली लेजर की लिस्ट )

 

Ledger Name                                                             Under Group
Sale Return                                                                 Sales
Sale                                                                                 Sales
Purchase Return                                                        Purchase
Purchase                                                                      Purchase
Carriage                                                                       Direct Expenses
Freight & Cartage                                                    Direct Expenses
Import duty                                                                 Direct Expenses
Rent (Dr)                                                                     Direct Expenses
Royalty                                                                          Direct Expenses
Wages                                                                            Direct Expenses

 

List of Tally Ledger for Profit/Loss Account (लाभ और हानि खाते के लिए टैली लेजर की लिस्ट )

 

Ledger name                                                              Under Group
Advertisement                                                           Indirect Expenses
Bank charges                                                              Indirect Expenses
Bill drawn                                                                    Indirect Expenses
Carriage                                                                       Indirect Expenses
Commission allowed                                                Indirect Expenses
Discount allowed                                                      Indirect Expenses
Donation & charity                                                 Indirect Expenses
Free sample                                                                Indirect Expenses
Insurance premium                                                  Indirect Expenses
Interest on loan                                                         Indirect Expenses
Legal charge                                                               Indirect Expenses
Loss by fire                                                                  Indirect Expenses
Office lighting                                                            Indirect Expenses
Petty cashier                                                               Indirect Expenses
Postage & courier                                                    Indirect Expenses
Printing & stationery                                             Indirect Expenses
Rent (cr)                                                                      Indirect Expenses
Repair charge                                                             Indirect Expenses
Salary                                                                            Indirect Expenses
Sale tax                                                                         Indirect Expenses
Taxi fire                                                                        Indirect Expenses
Telephone charge                                                     Indirect Expenses
Trade account                                                            Indirect Expenses
Travelling expenses                                                 Indirect Expenses
Suspense                                                                      Suspense
Miscellaneous exp.                                                   Miscellaneous exp.
Depreciation                                                              Indirect Expenses
Commission Received                                             Indirect Income
Bed Debts Recovered                                              Indirect Income
Interest on Drawing                                                 Indirect Income
Discount Received                                                    Indirect Income
Interest on Investment                                           Indirect Income

 

List of Tally Ledgers for Balance Sheet (बैलेंस शीट के लिए टैली लेजर की लिस्ट )

 

Ledger Name                                                            Under Group
Capital                                                                         Capital
Drawing                                                                       Capital
Income Tax                                                                 Capital
Life insurance                                                           Capital
Reserves & Surplus                                                Reserves & Surplus
Advance                                                                       Current Liabilities
Bank Overdraft                                                         Current Liabilities
Bill Payable                                                                Current Liabilities
Outstanding expenses                                            Current Liabilities
Salary payable                                                           Current Liabilities
Creditor name                                                            Sundry Creditors
Loan                                                                              Loan Liabilities
Branch in division                                                    Branch in division
Accrued expenses                                                     Current Liabilities
Prepaid rent                                                               Misc. Exp.- asset
Loss on theft                                                              Stock in Hand
Furniture                                                                    Fixed asset
Goods                                                                           Fixed asset
Land & Building                                                      Fixed asset
Long term investment                                            Fixed asset
Machinery & plant                                                  Fixed asset
Bank                                                                              Cash at bank
Cash                                                                              Cash in hand
Stock                                                                             Stock in Hand
Debtor name                                                              Sundry Debtors
Bad debtor                                                                  Sundry Debtors
Bill receivable                                                           Current Assets
Good will                                                                     Current Assets
National plant                                                           Current Assets
Prepaid expenses                                                     Current Assets
Short Term Investment                                          Current Assets
Accrued income                                                       Current Assets

 

Other Ledger list

 

Group Name                                                              Ledger Name

Purchase Accounts                                                 All types of Purchase Accounts like
                                                                                        Purchase 5% Local
                                                                                        Purchase 12.5% Local
                                                                                        Purchase 2% Central
                                                                                        Purchase Import
                                                                                        Purchase Central C form
                                                                                        Purchase Central F form
                                                                                        Purchase Central H form
                                                                                        Purchase Central C+ E1 form
                                                                                        Purchase Return

Sales Account                                                           All types of Sales Accounts like
                                                                                        Sales 5% Local
                                                                                        Sales 12.5% Local
                                                                                         Sales 2% Central
                                                                                        Sales Export
                                                                                        Sales Central C form
                                                                                        Sales Central F form
                                                                                        Sales Central H form
                                                                                        Sales Central C+ E1 form
                                                                                        Sale Return

Duties and Taxes                                                     All types of Taxes like
                                                                                        Excise Duty Payable etc
                                                                                        Service Tax Payable
                                                                                        TDS Payable
                                                                                        Input Vat Accounts
                                                                                        Output Vat Accounts
                                                                                        Cenvat Accounts
                                                                                        Sale tax
                                                                                        Income Tax
                                                                                        VAT Payable
 

Objective of Accounting अकाउंटिग के  उद्देश्य निम्नानुसार है-

 

1. व्यवस्थित रिकार्डस रखना: (Keeping systematic records) वित्तीय लेनदेनों को  व्यवस्थित रखने के लिए अकाउंटिग की जाती है।अर्थात् एकाउंटिंग का प्रयोग रिकार्ड्स को सिस्टमेटिक तरीके से अर्रेन्ज़ करने के लिए किया जाता है।

 

2. संचालनात्मक लाभ अथवा हानि का पता लगाया जाना: (Detecting Operational Profit or Loss)अकाउंटिग यह पता लगाए जाने में सहायता करती है कि व्यवसाय के संचालन में शुद्ध लाभ (net profit) हो रहा है या हानि (net loss) हो रही है । किसी विशिष्ट समयाविधि (Timeline)के आय और व्यय का समुचित लेखाजोखा रखते हुए इसे सम्पन्न किया जाता है। समयावधि के अंत में लाभ और हानि खाता तैयार किया जाता है तथा उस समयावधि के लिए आय (Income)की मात्रा यदि व्यय (expense)की तुलना में अधिक होती है तो उस अर्जित आय को यहाँ पर प्रॉफिट या लाभ कहा जाता है आय की अपेक्षा व्यय अधिक होता है तो उसे हानि या लाॅस कहा जाता है।

 

3.व्यवसाय की वित्तीय स्थिति ज्ञात करना : (To know the financial position of the business)लाभ और हानि खाते द्वारा किसी विशिष्ट समयावधि के दौरान व्यवसाय में अर्जित किए गए लाभ अथवा हानि की मात्रा ज्ञात की जाती है। हालांकि, इतना ही पर्याप्त नहीं होता है। व्यापारी उसकी वित्तीय स्थिति के बारे में अवश्य जानना चाहेगा अर्थात, बिज़नेस की स्थिति कैसी है यह  जानकारी बैलेंस शीट से मिलती है ।

 

4. विवेकपूर्ण निर्णय लिए जाने की सुविधा प्रदान करना: (To make judicial decisions) एकाउंटिंग से सही समय पर सही निर्णय लेने में मदद मिलती है।

Types of Accounts (अकाउंट्स के प्रकार )
 

1) Personal Accounts (व्यक्तिगत खाते )
सभी व्यक्ति, सोसायटी, ट्रस्ट, बैंक और कंपनियों के खाते पर्सनल अकाउन्‍ट कहलाते हैं।

उदाहरण :– Trupti A/c, Krishna Sales A/c,  Anil Traders A/c, State bank of India A/c

 

2) Real Accounts(वस्तुगत खाते )
Real Account  में सभी Assets और Goods अकाउन्‍ट शामिल है।

उदाहरण :– Cash A/c, Furniture A/c, Building A/c

 

3) Nominal Accounts(नाममात्र के खाते )
बिजनेस से संबंधित सभी आय और खर्च नॉमिनल अकाउन्‍ट के अंतर्गत आते है।

उदाहरण : – Salary A/c, Rent A/c, Commission A/c, Advertisement A/c, Light Bill A/c.

वाउचर (Voucher)
    व्यापार में होने वाले लेन देन अर्थात् Transaction की एंट्री करने के लिए वाउचर का प्रयोग किया जाता हैं |

Example : purchase invoice,  sales receipt, bank interest statement etc.

 

“A voucher is a document containing the details of a financial transaction. “

 

टैली में वाउचर के प्रकार (Types of Voucher)
Contra Voucher (F4)
Payment Voucher (F5)
Receipt Voucher (F6)
Journal Voucher (F7)
Sales Voucher (F8)
Credit Note Voucher (Ctrl + F8)
Purchase Voucher (F9)
Debit Note Voucher (Ctrl + F9)
Reversing Voucher (F10)
Memo Voucher (Ctrl + F10)

 

1.Contra Voucher 
      कॉण्ट्रा वाउचर का प्रयोग फंड ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। कॉण्ट्रा वाउचर में कैश व बैंक के मध्य हुई लेन-देनों को रिकार्ड किया जाता हैं। इसलिये इसमें केवल कैश व बैंक से सम्बंधित लेजर्स ही प्रदर्शित होते हैं।

 

Example : 

बैंक में 2000 रुपये जमा किये (Cash deposited into bank)
बैंक से 2000 रुपये निकाले (Cash withdraw from bank)
बैंक में चैक जमा किया (Check deposit into bank)
बैंक से चैक प्राप्त (Check Receive from bank)

 

2.Payment Voucher 
     इस वाउचर का प्रयोग भुगतान से सम्बंधित सभी प्रकार के लेन देन का रिकॉर्ड रखने के लिए किया जाता हैं चाहे वह भुगतान कैश हो या बैंक के माध्यम से किये गए हो|

 

Example : 

वेतन दिया (Salary paid)
मोहन को मजदूरी दी (Wages Paid to Mohan)
श्याम को भुगतान किया (Cash paid to Shyam)
माल पर डिस्काउंट दिया (Discount given on goods)
किराया दिया (Rent Paid)

 

3.Receipt Voucher 
      Receipt Voucher का प्रयोग प्राप्ति से सम्बंधित एंट्री करने के लिए किया जाता हैं|

 

Example : 

अमन से 2000 रुपये प्राप्त हुए (Cash receive from aman)
Salary प्राप्त (Salary Receive)
Rent प्राप्त (Rent Receive)
राम से कमीशन प्राप्त (Commission receive to ram)

 

4.Journal Voucher 
         जर्नल वाउचर एक एडजस्टमेंट वाउचर (adjustment Voucher) हैं ,इसलिए इसका प्रयोग सामान्य एंट्री करने के लिए किया जाता हैं |

 

Example :

Credit Assets Purchase / Sales
Drawings / Donation / Charity as Goods
Goods Distribution as Free Sample
Loss by fire / Loss by theft
Any Adjustment Entry

5.Sales Voucher 
       सेल्स वाउचर का प्रयोग विक्रय से सम्बंधित सभी लेन देन चाहे नगद हो या उधार हो की एंट्री करने के लिए किया जाता हैं 

 

Example : 

1500 रुपये का सामान बेचा
मोहन को फर्नीचर बेचा
राम को नगद मशीन बेचीं
संजय को सामान बेचा |

 

6.Purchase Voucher 
          परचेस वाउचर का प्रयोग क्रय से सम्बंधित सभी लेन देन चाहे नगद हो या उधार हो की एंट्री करने के लिए किया जाता हैं |

 

Example : 

फर्नीचर खरीदा (Furniture Purchase)
सोहन से मशीन खरीदी (Machine Purchase from Sohan)
मोहन से नगद सामान ख़रीदा (Goods Purchase from Mohan by cash)
बिल्डिंग खरीदी (Building Sold)

 

Credit Note Voucher 
      क्रेडिट नोट वाउचर का प्रयोग विक्रय वापसी से सम्बंधित एंट्री करने के लिए किया जाता हैं इसके अलावा माल पर दी गई छूट की एंट्री करने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता हैं| इस वाउचर का प्रयोग करने से पहले इसे एक्टिवेट करना पड़ता हैं इसे एक्टिवेट करने के लिए F11 Key दबाकर Use Debit note / credit note option को yes करना पड़ता हैं |

 

Example :

बिका हुआ सामान वापस किया
बिके हुए सामान पर 10% discount दिया

 

Debit Note Voucher 
    डेबिट नोट वाउचर का प्रयोग क्रय वापसी से सम्बंधित एंट्री करने के लिए किया जाताहैं इसके अलावा माल पर प्राप्त छूट की एंट्री करने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता हैं| इस वाउचर का प्रयोग करने से पहले इसे एक्टिवेट करना पड़ता हैं इसे एक्टिवेट करने के लिए F11 Key दबाकर Use Debit note / Credit note option को Yes करना पड़ता हैं |

 

Example :

ख़रीदा हुआ सामान वापस लौटाया
ख़रीदे हुए सामान पर 10% discount मिला

 

Reversing Voucher 
     यह एक विशेष प्रकार का वाउचर होता हैं जो एक निश्चित अवधि के बाद स्वतः ही जर्नल वाउचर के समान हो जाता हैं इस वाउचर का प्रयोग एंट्री को रिवर्स करने के लिए किया जाता हैं|

 

Memo Voucher 
      यह एक नॉन एकाउंटिंग वाउचर हैं इसका प्रयोग याददाश्त से सम्बंधित एंट्री करने के लिए किया जाता हैं इस वाउचर में की गई एंट्री का प्रभाव किसी स्टेटमेंट पर नहीं पड़ता हैं|

 

Example :

Advance salary given to employee.
Office expenses.
Goods given to Shiva.

टैली से बाहर कैसे आए)
 

Tally से बाहर आने के लिए कुछ सिंपल Steps को Follow करना होता है ।

 

1.सबसे पहले Gateway of tally पर आए।

2. Esc key press करे ।

3.Esc key प्रेस करने पर Quit? Yes or NO” मेसेज दिखाई देगा ।
4.टैली से बाहर आने के लिए  Enter या Y दबाएँ अथवा Yes पर क्लिक करें ।

5.आप टैली से बाहर आ जायगे ।

[7:57 am, 26/03/2022] khcomputer123@gmail.com:

 Lesson -2 

Basic terminology of Accounting
 

Business(व्‍यवसाय ) : साधारणत: ‘व्यवसाय’ शब्द से हमारा मतलब उन सभी मानवीय क्रियाओं से है जो कि धन उपार्जन के  लिए  की जाती हैं। उदाहरणार्थ-कारखानों में विभिन्न तरह के माल को बनाना, किसानों द्वारा अनाज की उत्पत्ति किया जाना 

 

1.Assets (सम्पत्ति) : सम्पत्तियो से आशय बिजनेस के आर्थिक स्त्रोत से है जिन्हें मुद्रा में व्यक्त किया जा सकता है, जिनका मूल्य होता है और जिनका उपयोग व्यापर के संचालन व आय अर्जन के लिए किया जाता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि सम्पत्तियाँ वे स्त्रोत हैं जो भविष्य में लाभ पहुँचाते हैं।

उदाहरण के लिए, मशीन, भूमि, भवन, ट्रक, आदि।

assets को दो प्रकार की होती है –

a. Fixed Assets (स्थायी सम्पत्तियां ):  फिक्स्ड असेट वे असेट्स होती है जिन्हें लंबे समय के लिए रखा जाता है ,फिक्स्ड असेट को व्यवसाय हेतु प्रयुक्त किया जाता है और संचालन की सामान्य प्रकिया में दुबारा  बिक्री नहीं की जाती है।

उदाहरण- भूमि, भवन, मशीनरी, संयन्त्र, फर्नीचर

b.  Current Assets (चालू संपत्तियां) : करंट असेट्स वे असेट्स होती है जिन्हें कम समय के लिए रखा जाता है करंट असेट की संचालन की सामान्य प्रकिया में दुबारा बिक्री  की जाती है।

उदाहरण- देनदार, पूर्वदत्त व्यय, स्टॉक, प्राप्य बिल, आदि।

 

2. Liabilities(दायित्व): स्वामी के धन के अतिरिक्त बिज़नेस का वित्तीय दायित्व लाइबिलिटी कहलाता है। वह, धन जो व्यावसायिक उपक्रम को दूसरों को देना है, दायित्व कहा जाता है ,इस प्रकार दायित्व देयताएँ हैं, ये सभी राशियाँ हैं, जो लेनदारों को भविष्य में देय हैं।
 

उदाहरण- लेनदार, देय बिल, ऋण एवं अधिविकर्ष इत्यादि।

3.Capital  (पूँजी) : उस धनराशि को पूँजी कहा जाता है जिसे व्यवसाय का स्वामी व्यवसाय में लगाता है। इसी राशि से व्यवसाय प्रारम्भ किया जाता है।

 

5. Goods (माल): ऐसी सभी चीजे गुड्स के अंतर्गत शामिल होती है जिन्हें पुनः विक्रय के लिए खरीदा जाता है ।अर्थात जिन वस्तुओ को व्यापारी खरीदते या बेचते है ।

उदाहरण -कच्चा माल, विनिर्मित वस्तुएँ अथवा सेवाएँ।

 

6. Sales (बिक्री) : विक्रय अथवा बिक्री विपणन की एक प्रक्रिया है जिसमें कोई उत्पाद अथवा सेवा को धन अथवा किसी अन्य वस्तु के प्रतिफल के रूप में दिया जाता है। बिक्री दो प्रकार की हो सकती है ।

a.Cash sales(नकद विक्रय )

b.Credit sales(उधार विक्रय)

 

7. Revenue (आय): यह व्यवसाय में कस्टमर्स को अपने उत्पादों की बिक्री से अथवा सेवाएँ उपलब्ध कराए जाने से अर्जित की गई राशियाँ होती हैं। इन्हें सेल्स रेवेन्यूज कहा जाता है। कहीं व्यवसायों के लिए रेवेन्यूज के अन्य आइटम्स एवं सामान्य स्त्रोत बिक्री, शुल्क, कमीशन, व्याज, लाभांश, राॅयल्टीज,प्राप्त किया जाने वाला किराया इत्यादि होते हैं।

 

8. Expense (व्यय) :आगम की प्राप्ति के लिए प्रयोग की गई वस्तुओं एवं सेवाओं की लागत को व्यय कहते हैं। ये वे लागते होती है जिन्हें किसी व्यवसाय से आय अर्जित करने की प्रकिया में व्यय किया जाता है। सामान्यत: एक्सपेसेंज को किसी अकाउंटिंग अवधि के दौरान असेट्स के उपभोग अथवा प्रयुक्त की गई सेवाओं की लागत से मापा जाता है।

उदाहरण :-विज्ञापन व्यय, कमीशन, ह्रास, किराया, वेतन, मूल्यहास, किराया, मजदूरी, वेतन, व्याज टेलीफोन इत्यादि ।

 

10.Income (आय):आगम में से व्यय घटाने पर जो शेष बचता है, उसे आय (Income) कहा जाता है। व्यावसायिक गतिविधियों अथवा अन्य गतिविधियों से किसी संगठन के निवल मूल्य में होने वाली वृद्धि इनकम होती है। इनकम एक व्यापक शब्द है जिसमें लाभ भी शामिल होता है।

आय = आगम – व्यय 

 

11. Profit (लाभ) : प्रॉफिट किसी लेखांकन वर्ष के दौरान व्ययों की अपेक्षा आय की वृद्धि को कहा जाता है। यह मालिक की इक्विटी में वृद्धि करता है।

 

12. Gain: गेन किसी समयावधि के दौरान इक्विटी (निवल सम्पति) में गुड्स के स्वरूप और स्थान तथा होल्डिंग की जाने वाली असेट्स में परिवर्तन से उत्पन्न होने वाला बदलाव होता है। यह केपिटल प्रकृति या रेवेन्यू प्रकृति में से कोई एक अथवा दोनों ही तरह का हो सकता है।

 

14. Turnover (टर्नओवर): एक निश्चित अवधि में केश और क्रेडिट सेल्स दोनों को  मिलाकर कुल सेल्स को टर्नओवर कहते है ।

 

15. Proprietor(प्रोपराइटर): व्यवसाय में पूँजी निवेशित करने वाले व्यक्ति को उस व्यवसाय के प्रोपराइटर के रूप में जाना जाता है। यह व्यवसाय का संपूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए अधिकृत होता है। वह व्यवसायों करने में जोखिम वहन करता है तथा उसकी हानियों के लिए भी उत्तरदायी होता है।

 

16. Drawings (आहरण) : व्‍यापार का मालि‍क अपने व्यक्तिगत  खर्च के लि‍ए जो रूपया व्‍यापार से खर्च करता है या नि‍कालता है वह आहरण कहलाता है जैसे कि‍सी ने अपने  व्‍यापार के रूपयो से बच्‍चों के स्कूल   कि‍ फीस भरी है  तो वह आहरण कहलाती है  खर्च नही कहलाता है यह मालिक द्वारा व्यक्तिगत उपयोग हेतु निकाली जानेे वाली नकद या अन्य असेट्स की राशि है।

 

17. Purchase(क्रय) :पुन वि‍क्रय के लि‍ए खरीदा गया माल क्रय कहा जाता है यह उधार नकद दोना तरीके से  कि‍या जा सकता है
उदाहरण – कि‍सी कपडे के व्‍यापारी ने कपड़ा खरीदा है तो वह क्रय कहा जाता है लेकिन  साज सजावट के लि‍ए खरीदा गया फर्नीचर क्रय नही कहा जा सकता है

 

purchase दो प्रकार का होता है

a.Cash purchase(नकद क्रय )

b.Credit purchase(उधार क्रय)

18. Stock  : यह किसी व्यवसाय के अतर्गत उपलब्ध माल, स्पेयर्स और अन्य आइटम्स जैसी चीजों का पैमाना है। इसे क्लोजिंग स्टॉक भी कहा जाता है। किसी व्यापार के अतंर्गत स्टॉक आॅन हैड माल की वह मात्रा होती है जिसे बैलेंस शीट तैयार किए जाने की दिनाकं तक बेचा नहीं गया होता है। इसे क्लोजिंग स्टॉक (एंडिग इन्वेटरी) भी कहा जाता है। किसी विनिमार्ण कम्पनी के अंतर्गत क्लोजिंग स्टॉक में यह कच्चा माल, आधा-तैयार माल और पूरी तरह से तैयार माल शामिल किया जाता है जो क्लोजिंग डेट पर हाथ में उपलब्ध रहता है। इसी प्रकार से, अकाउंटिंग ईयर (लेखा वर्ष) के प्रारंभ मे स्टॉक की मात्रा को ओपनिंग स्टॉक (प्रारंभिक इन्वेटरी) कहा जाता है।

19.Creditor(लेनदार): जिस व्यक्ति से हम उधार माल खरीदते है उसे हम creditor कहते है ।

20.Debtor(देनदार) : जिस व्यक्ति को हम उधार  माल  बेचते है उसे हम Debtors कहते है ।

21. Discount (डिस्काउंट) : यह रियायत का एक ऐसा प्रकार है जो व्यापारी द्वारा अपने कस्टमर्स को प्रदान किया जाता है।
 

Accounting Feature’s of company (कंपनी के एकाउंटिंग फीचर)
 

जब हम Company मेनू पर Accounting Features विकल्प को सिलेक्ट करते हैं (अथवा hot key A दबाते हैं) या F1 दबाते है तो हमें निम्नानुसार Accounting Features स्कीन प्राप्त होगी ।

 

Accounting Features को General,Outstanding Management,Invoicing,Cost Center Management,Invoicing, Budgets & Scenario Management एवं Other Features के रूप में बांटा गया है।

 

I.General

(a) Integrate Accounts and Inventory:
इस विकल्प का बैलेंस शीट और प्रॉफिट एण्ड लॉस अकाउंट पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव पडता है । यदि Yes पर सेट किया जाता है तो यह इनवेंटरी रिकॉंर्डस से स्टॉक/इनवेटरी बैलेंस के आंकडे निकालता है तथा बैलेंस शीट से स्टॉक रजिस्टर्स के लिए एक Drop down प्रदान करता है। यदि NO पर सेट किया जाता है तो यह इनवेंटरी बहियों के आँकड़ो को उपेक्षित कर देता है और बनाए गए लेजर अकाउंट से closing stock balance को मेन्युअली डालना पडता है। यह सुविधा अकाउंट्स और इनवेंटरी को अलग-अलग व्यवस्थित रखती है ।


(b)Income/Expense Statement instead of P& L : डिफाल्ट रूप से यह विकल्प No पर सेट होता है। यदि yes पर सेट करते हैं तो टैली द्वारा गेटवे ऑफ़ टैली मेन्यू मे प्रॉफिट एण्ड लॉस a/c के स्थान पर इनक्म एण्ड एक्सपेंस a/c प्रदर्शित किया जाएगा। इनकम एण्ड एक्सपैंडिचर स्टेटमेंट सामान्यत: नॉन ट्रेडिंग अकाउंट्स हेतु प्रयुक्त होता है और प्रॉफिट एण्ड लॉस a/c वस्तुत: ट्रेडिंग अकाउंट्स हेतु प्रयुक्त होते हैं।
 

(c) Allow Multi Currency: डिफाल्ट रूप से यह विकल्प No होता है। यदि हम एक से अधिक करेंसी अपनाना चाहते है तो इस विकल्प को Yes पर सेट करे । Gateway of Tally→Accounts Info मेन्यू मे करेंसी मेन्यु प्रदर्शित हो जाएगा ।

 

II. Outstanding Management

(a) Maintain Bill-Wise Details: इस विकल्प को Yes पर सेट करते हुए Bill-wise सुविधा को activate किया जा सकता है। Bill-wise फीचर को activate करने पर Sundry Creditors और Sundry Debtors के अंतर्गत लेजर मास्टर्स द्वारा Maintain Balance Bill by Bill नामक एक अतिरिक्त ऑप्शन डिस्प्ले कर दिया जाता है। इस Option को Yes पर सेट करने से एक अतिरिक्त विकल्प डिफाल्ट क्रेडिट पीरियड प्रदर्शित होता है।
जब हम एक्टिवेट किए गए Bill-wise option के साथ Sales और Purchase के ब्यौरे डालते हैं तब टैली हमें इनवॉइस को किसी उपयुक्त रेफरेन्स नम्बर से पहचानने के लिए प्रोम्प्ट करता है। इस रेफरेंस के बाद में सही इनवॉइस हेतु पेमेट्स आवंटित करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है, जिससे कितना पैसा बकाया है इसका सही-सही हिसाब रखा जा सके ।


(b) Activate Interest Calculation: इस ऑप्शन का प्रयोग interest को कैलकुलेट करने के लिए किया जाता है।
Use advanced parameters: जब समय-समय पर ब्याज की दरे बदलती रहती हैं तब advanced parameters उपयोगी होता है। यह सुविधा एनेबल करने हेतु इस विकल्प को Yes पर सेट करे।

 

III. Cost /Profit Centers Management

(a) Maintain Payroll: यदि हम चयनित कंपनी के लिए टैली पर पेरोल इंफॉर्मेशन व्यवस्थित रखना चाहते है तो इस विकल्प को Yes पर Set करे ।
(b) Maintain Cost Centers: कास्ट सेंटर को संगठन की उस इकाई के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसके लिए ट्रांजक्शन्स पोस्ट किए जा सकते है। जब इन इकाइयों हेतु केवल लागतों या व्ययों को ही आवंटित किया जाता है तब इन्हें कॉस्ट सेंटर्स के रूप में संदर्भित किया जाता है । इस विकल्प को Yes पर Set करते हुए कॉस्ट सेंटर को एक्टिवेट करते है ।

 

(i)Use Cost Center for job costing: जॉब/प्रोजेक्ट के लिए सभी आय और व्यय का हिसाब रखने हेतु इस विकल्प को Yes पर Set करे ।
(ii)More than one payroll/cost category: एक से अधिक Payroll अथवा Cost Category बनाने के लिए इस option को Yes पर Set करे ।
 

 

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[8:04 am, 26/03/2022] khcomputer123@gmail.com:

 

How to Create Company in Tally
टैली में कंपनी कैसे बनाये

हम उदाहरण के लिए एक कंपनी x4 cart की सेल्स और सर्विस को लेते है| यह कंपनी कंम्‍पयूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर खरीदती है और यह सीधे ग्राहकों को बेचती है| अब नीचे दी गई जानकारी के अनुसार यह कंपनी बनाते है –

Gateway of Tally → Company Info. →Create Company

अब company creation की Windows ओपन होगी, यहाँ निम्‍न जानकारी टाइप करें –


Directory : – कंपनी डाटा जिस  लोकेशन पर स्टोर होगा, उसका पाथ हम यहाँ दे सकते है|


Name:- जिस नाम से कंपनी क्रिएट करना है उस कंपनी का नाम यहाँ दे|

 

Company Logo :– हम यहाँ कंपनी के लोगो को डिफाइन कर सकते है|


Mailing Name :– यहाँ ऊपर दिया कंपनी का नाम अपने आप आ जाता है| हम अपनी जरूरत के हिसाब से इसमे changes कर सकते है|


Address :– यहाँ कंपनी का पता  टाइप करे|


Statutory Compliance :– देशों की सूची से भारत को सिलेक्‍ट करें।


State :- राज्यों की सूची से उचित राज्य को सिलेक्‍ट करें।


Pin Code :- निर्दिष्ट पते का पिन कोड दर्ज करें।


Telephone No :- कंपनी का टेलीफोन नंबर दर्ज करें।


E- Mail :- यहाँ दिए गए  ई-मेल पर टैली डाक्‍यूमेंटस्, रिपोर्ट और डाटा को भेजता है|


Currency Symbol :- यहाँ डिफ़ॉल्ट रूप से Rs होता हैं|


Maintain :- कंपनी का नेचर सिलेक्‍ट करें याने सिर्फ अकाउंट या इनवेंट्री के साथ अकाउंट|


Financial Year From :- कंपनी का वित्‍तीय वर्ष जिस तारीख से शुरू होता है,वह दर्ज करें|


Books beginning from :- ऊपर दी गयी तारीख यहाँ अपने आप आ जाती है| लेकिन हम कंपनी के अकाउंट जिस तारीख से शुरू हो रहे  है वह तारीख दे सकते है| उदा. के लिए अगर कंपनी 10 जून को शुरू हूई है तो यहाँ 10 जून तारीख दे|
 

[8:06 am, 26/03/2022] khcomputer123@gmail.com:

 

Tally Vault Password :- Tally Vault यह एक सिक्योरिटी फीचर है, जो कंपनी के डेटा की सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्टेड फॉर्म मे होता है और यह पासवर्ड प्रोटेक्‍ट होता है| इस पासवर्ड के बिना डाटा को एक्‍सेस नही किया जा सकता| अगर यह पासवर्ड भूल गये तो इसे रिकवर नही किया जा सकता|


Use Security Control :- टैली में कई सिक्योरिटी कंट्रोल है, जो विभिन्‍न युजर कि अथॉरिटी को डिफाइन करता है| इसमें डेटा को एक्‍सेस करना, डेटा भरना, बदल करना या डिलीट करना आदि कि अथॉरिटी दे सकते है|
Base Currency Information :- इसमें करंसी से संबंधीत विभिन्‍न्‍ जानकारी होती है जैसे करंसी सिम्‍बॉल, करंसी का नाम, डेसिमल प्‍लेसेस आदी|


उपर दि गयी सभी जानकारी दर्ज करने के बाद नीचे के Y बटन को प्रेस करें|

[3:27 pm, 07/06/2022] khcomputer123@gmail.com:

 

How to create group company  in tally
ग्रुप कंपनी को क्रिएट करना (Create Group Company)


क्रिएट कंपनी ग्रुप उन्ही कंपनी के लिए बनाई जाती है जो टैली में पहले से लोड रहती है | टैली में हमे ग्रुप कंपनी बनाने के लिए कम से कम दो कंपनी की आवश्यकता होती है ये कम्पनीज टैली INI फाइल से स्पेसिफाई होती है | हमे जिन कंपनी का ग्रुप क्रिएट करना होता है उसे डिस्प्ले करने के लिए F1 ऑप्शन के द्वारा डिस्प्ले कर सकते है | जब हम किसी एक कंपनी के साथ कार्य करते है तो क्रिएट कंपनी ग्रुप फीचर नहीं होता यदि हम दो से अधिक कपनी का उपयोग करते है तो ग्रुप क्रिएशन ऑप्शन एक्टिव हो जाता है | इसे बनाने के लिए सबसे पहले Alt+F3 को प्रेस करे button bar पर F3 option के company information menu open द्वारा होता है |


इस मेनू से उपस्थित Create Group Company option को सिलेक्ट करने पर इस option की screen display होती है |  इसमें Address, Mailing Name , Home, State/Pin Code ,E-mail ,Address ,Tax no. etc. को फिल करते है इस ऑप्शन को फिल करने के बाद एक्सेप्ट विंडो शो होती है यदि हम ग्रुप कंपनी को सेव करना चाहते है तो एंटर की प्रेस करते है |


ग्रुप कंपनी को आल्टर करना (How to Alter Group Company)
कंपनी इनफार्मेशन विंडो में आल्टर ऑप्शन के द्वारा कम्पनी के ग्रुप को मॉडिफाई किया जा सकता है आवश्यकता ग्रुप कंपनी चेंज किया जा सकता है और हटाया जा सकता है |

Company Features  (कंपनी फीचर्स)

कंपनी में विभिन्न फीचर्स होते है जिन्हें टैली में एम्बेडेड किया जाता है। इन फीचर्स को तीन भागों में बांटा गया है Accounting ,Inventory, Statutory & Taxation.


किसी कंपनी के इन फीचर्स को बदलने के लिए F11 function key या F11: Company Feature button का प्रयोग किया जाता है प्रत्येक  कंपनी में अलग-अलग फीचर्स को एक्टिवेट किया जा सकता है । Company Features मेन्यू से हम Accounting, Inventory अथवा Statutory & Taxation फीचर को Choose कर सकते हैं।

हम कंपनी के सारे Features के बारे में जानेगे ।

Accounting Features

Inventory Features

Statutory & Taxation

How to Select Company in Tally (टैली में कंपनी को कैसे सिलेक्ट /लोड करे )
 

नई कंपनी स्वचालित रूप से लोड हो जाती है। लेकिन पहले से बनायी गई अन्य कंपनी को लोड करने हेतु F1:select Camp बटन को क्लिक करे या  F:3 Cmp Info बटन पर भी क्लिक कर सकते है या Alt+F3 दबाएँगे।


इस मेन्यू में Select Company पर क्लिक करेगें।

 

डिस्क पर वर्तमान डायरेक्ट्री में शामिल कंपनीज की लिस्ट एक अल्फाबेटिक क्रम में display होती है,अगर  हमारे पास एक ही नाम वाली एक से अधिक कंपनी है तो इस कंडीशन में किस कंपनी के साथ हम कार्य करना चाहते हैं, उसकी पहचान किए जाने में हमारी सहायता करने के लिए प्रत्येक कंपनी हेतु सिस्टम जेनरेटेड कोड भी प्रदर्शित किए जाते हैं, अब दी गई लिस्ट से वांछित कंपनी को सिलेक्ट करे और Enter दबाएँ।

[4:16 pm, 07/06/2022] khcomputer123@gmail.com:

How to Alter company (कंपनी में सुधार कैसे करे)


टैली में किसी कंपनी को डिलीट करने या कंपनी में changes करने के लिए Gateway of tally पर बटन बार से F3:Comp Info बटन को सिलेक्ट करें अथवा Company Info मेन्यू प्राप्त करने के लिए । Alt+F3 दबाएँ Company Info मेन्यू से Alter option को select करे


Company info 

जिससे कंपनी की लिस्ट open होगी इस लिस्ट में से उस कंपनी को सेलेक्ट करे जिसमे changes करना है। List से कंपनी को select कर लेने के बाद दर्शाई जाने वाली Company Alteration स्कीन द्वारा Company Creation स्कीन में प्रविष्ट की गई इंफॉर्मेशन (Directory फील्ड को छोडकर) को प्रदर्शित किया जाएगा । अब हम इस कंपनी को परिवर्तित (संशोधित) या डिलीट कर सकते हैं।


Company Alteration Screen

Company Alteration स्कीन मे हम आवश्यक परिवर्तन कर सकते है अथवा पहले रिक्त छोड दी गई किसी भी खाली फील्ड को भर सकते है (उस फील्ड पर कर्सर लाएँ और प्रविष्टी करे)। परिवर्तित इंफॉर्मेशन को सेव करने के लिए Ctrl+A दबाएँ। वाउचर  के बाद “Financial Year From” दिनांक को नहीं बदले क्योंकि यह हमारे पिछले अनुपयोगी डेटा प्रस्तुत कंर सकता है। कंपनी निर्मित कर लेने के बाद हम Company Data Directory नहीं बदल सकते हैँ इसलिए Company Alteration  स्कीन में डायरेक्टरी फील्ड प्रकट नहीं होती है।


[4:16 pm, 07/06/2022] khcomputer123@gmail.com:

How to Delete Company in Tally (टैली में कंपनी को डिलीट कैसे करे )


टैली में किसी कंपनी को डिलीट करने के लिए Gateway of tally पर बटन बार से F3:Comp Info बटन को सिलेक्ट करें अथवा Company Info मेन्यू प्राप्त करने के लिए । Alt+F3 दबाएँ Company Info मेन्यू से Alter option को select करे ।


जिससे कंपनी की लिस्ट open होगी इस लिस्ट में से उस कंपनी को सेलेक्ट करे जिसमे changes करना है। List से कंपनी को select कर लेने के बाद दर्शाई जाने वाली Company Alteration स्कीन द्वारा Company Creation स्कीन में प्रविष्ट की गई इंफॉर्मेशन (Directory फील्ड को छोडकर) को प्रदर्शित किया जाऐगा। अब हम इस कंपनी को डिलीट कर सकते हैं।  कंपनी को डिलीट करने के दिए Company Alteration स्कीन में Alt+D दबाएँ।


एक  पुष्टिकरण message “Delete ? Yes or NO” display  होगा। डिलीट की पुष्टि हेतु Yes को क्लिक करें या Y दबाएँ। कंपनी की डेटा फाइल डिलीट कर दी जाएँगी।


[4:17 pm, 07/06/2022] khcomputer123@gmail.com:

How to Shut Company in Tally  (टैली में कंपनी को कैसे बंद करे)


किसी कंपनी को Shut करना कंपनी को सिलेक्ट करने की विपरीत प्रकिया है, अर्थात Shut Company में कंपनी को मेमोरी से अनलोड किया जाता है। इसका यह अर्थ नहीं है कि कंपनी डिलीट कर रहे हैँ। हम कंपनी को सिर्फ कुछ समय के लिए बंद करते है।

कंपनी को शट करने के लिए F1:Shut Cmp या (Alt+F1) बटन को क्लिक करे जिससे  Company Info मेन्यू ओपन होगा


इस मेनू में Shut Company विकल्प को सिलेक्ट कर  Enter दबाएँ जिससे निम्नानुसार स्क्रीन डिस्प्ले होगी,


अब हम लिस्ट में से उस कंपनी को सिलेक्ट करेगे जिसे हम क्लोज करना चाहते है तथा enter key को दबाएँगे। यह कंपनी के डेटा को मेमोरी से हटा देगा और इसी वजह से वह कंपनी, गेटवे पर List of Selected Companies के अंतर्गत दिखाई नहीं देगी।


[4:17 pm, 07/06/2022] khcomputer123@gmail.com:

How to Split Company Data in Tally (टैली में कंपनी डाटा को कैसे स्प्लिट करे)


Split Company Data
टैली का अनुकूलन योग्य अवधि रहित एकाउंटिंग अनेक वर्षो के लिए डेटा प्रविष्ट करने की अनुमति देता है इस फीचर के जबरदस्त लाभ है | भारी भरकम पुराने डेटा की उपस्थिति से सिस्टम पर अनावश्यक भार उत्पन्न होता है वित्तीय वर्ष में विभाजित करने से जहाँ हमे कई प्रकार के लाभ प्राप्त हो जाते है वही सिस्टम को बोझे से छुटकारा भी मिल जाता है |

कंपनी डेटा को विभाजित करना उस कंपनी के संचालन की सरलता में सहायक होता है चूँकि वर्ष के दौरान कंपनी डेटा बढ़ता ही चला जाता है और वह टैली के संचालन को धीमा कर देता है विभाजन कंपनी को हल्का बनाता है कंपनी को विभाजित करने कंपनी के डेटा को सुरक्षित बना दिया जाता है-

 

1. Pre-split Activities :  डेटा विभाजन के पूर्व हमे सुनिश्चित करना होगा की –
 

सभी असमायोजित फोरेक्स लाभ/हानियों को जर्नल एंट्रीज द्वारा पूर्णतः समायोजित किया जा चुका है सत्यापित करे की बैलेंस शीट में वह आइटम प्रकट नहीं हो |


वहाँ कोई परचेस बिल्स/सेल्स बिल्स पेंडिंग एंट्री नहीं हो |


परचेस/सेल्स बिल्स पेंडिंग के लिए प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट तथा इन्वेंटरी स्टेटमेंट की जांच कर ले |
 

लंबित बिल्स को तत्संबंधित पार्टी के अकाउंट में लेखाबध्द कर दिया जाये |अथवा तत्संबंधित “bills pending “अकाउंट में प्रविष्ट कर दिया जाये |
 

सुनिश्चित करे की Bank Reconciliation स्टेटमेंट से सभी बैंक वाउचर को मिला दिया जाता है |
 

सुनिश्चित करे की डेटा का बैकअप ले लिया गया है |
 

2. वित्तीय वर्षो को विभाजित करने की प्रकिया-
वित्तीय वर्षो के आधार पर डेटा विभाजित करने की प्रक्रिया निम्नानुसार है :


Gateway of Tally → F3:Cmp Info → Split Company Data 

1.सर्वप्रथम Gateway of Tally पर जाए | इसके बाद Company info ऑप्शन पर क्लिक करे |


2.Company info ऑप्शन पर क्लिक करने से निम्न विंडो ओपन होगी | इस विंडो में Split Company Data पर क्लिक करे |


3. Split Company Data पर क्लिक करने से निम्न विंड�


[4:18 pm, 07/06/2022] khcomputer123@gmail.com:

Lesson -3 

Tally. ERP 9 में कंपनी को इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट कैसे करें

(How to Import and Export Company in Tally. erp9)


एक कंपनी से दूसरी कंपनी में इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट वाउचर बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। यह कार्य अधिकांश एकाउंटेंट द्वारा किया जाता है। आप टैली सॉफ्टवेयर के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। वर्तमान समय में टैली केवल एक सबसे लोकप्रिय अकाउंटिंग इन्वेंट्री सॉफ्टवेयर है जो किसी भी व्यावसायिक इकाई के दिन-प्रतिदिन के सभी नियमित कार्यों को बहुत प्रभावी ढंग से संभालता है। टैली सॉफ़्टवेयर आपको टैली में आपके महत्वपूर्ण डेटा को आसानी से इम्पोर्ट या एक्सपोर्ट करने की अनुमति देता है।

टैली विभिन्न लेखांकन और इन्वेंट्री सुविधाएँ प्रदान करता है जो किसी भी उपयोगकर्ता को अपनी कंपनी के खातों को प्रभावी ढंग से बनाए रखने की अनुमति देता है। तो, आज हम टैली या Tally. erp 9 में एक कंपनी से दूसरी कंपनी के लिए इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट करने के तरीके के बारे में बात करते हैं। यदि आप उस मामले में एक कंपनी से दूसरी कंपनी में डेटा इम्पोर्ट / एक्सपोर्ट करना चाहते हैं तो आपको टैली अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में आसानी से इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट सुविधा का उपयोग करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाने होंगे।

Tally. ERP 9 में इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट का कारण


आप Tally. ERP 9 में एक कंपनी से दूसरी कंपनी में वाउचर इम्पोर्ट कर सकते हैं। यह निम्नलिखित कारणों से हो सकता है:

  • डेटा नष्ट होने या खो जाने से

  • बाद में रिलीज़ में माइग्रेट करना।

  • थर्ड पार्टी से डेटा इम्पोर्ट करना।


डेटा को Tally.erp 9 से कई कारणों से एक्सपोर्ट किया जा सकता है जैसे कि तीसरे पक्ष के आवेदन में उपयोग, रिटर्न दाखिल करने के लिए आदि| आप 6 विभिन्न स्वरूपों में डेटा एक्सपोर्ट कर सकते हैं:

 

  • ASCII (Comma delimited)

  • Excel (Spreadsheet)

  • HTML (web-publishing)

  • JPEG (Image)

  • PDF (Portable Document Format)

  • XML (data interchange)


How to Export Company in Tally. ERP 9


टैली में एक्सपोर्ट ऑप्शन की मदद से आप अपनी जरूरत के अनुसार अपना डेटा आसानी से MS Word, Excel, Notepad और XML फॉर्मेट में भेज सकते हैं।

 

  • सबसे पहले Gateway of Tally > Display> List of Account पर जाये|

  • इसके बाद एक्सपोर्ट करें: E पर क्लिक करें या Alt + E दबाएँ

  • एक्सपोर्ट सूची प्रदर्शित की जाती है।

 

  1. Language field में डिफ़ॉल्ट (All Language) चुनें

  2. Format field में XML (Data Interchange) का चयन करें

  3. उस स्थान का path इंटर करें जहाँ आप फ़ाइलें एक्सपोर्ट करना चाहते है

  4. Output file name फ़ील्ड में चयनित विकल्प के आधार पर फ़ाइल एक्सटेंशन के साथ मास्टर नाम पहले से लिखा रहता है। यदि आवश्यक हो, तो आप नाम बदल सकते हैं।

 

  • सिलेक्ट किये गए format में डेटा export करने के लिए Accept करें।

  • डाटा के export के बाद कंपनी को बंद कर दे|

 

How to Import Company in Tally.erp9


टैली में इम्पोर्ट ऑप्शन की मदद से आप एक कंपनी में एक से अधिक कंपनी के डेटा को आसानी से जोड़ सकते हैं।

  • सबसे पहले Gateway of Tally > Import of Data > Master पर जाएं

  • Import master स्क्रीन में, import file name (XML) फ़ील्ड में आवश्यक फ़ाइल नाम दर्ज करे

  • पहले से मौजूद फ़ील्ड्स की प्रविष्टियों के उपचार में आवश्यक account का चयन करे

  1. Combine Opening Balance मौजूदा और नए New balance को संतुलित करने के लिए इस विकल्प को चुनें

  2. Ignore Duplicates – सभी डुप्लिकेट एंट्रीज़ को अनदेखा करें

  3. Modify with New Data – ओपनिंग बैलेंस को संयोजित नहीं करता है, लेकिन मौजूदा डेटा में सुधार करता है

  • ​​अंत में Accept पर क्लिक करें|


[4:18 pm, 07/06/2022] khcomputer123@gmail.com:

 

Inventory Features


इस फीचर के द्वारा हमें आवश्यक इनवेंटरी फीचर्स सेट किए जाने की सुविधा मिलती है। Company menu पर Inventory Features को सिलेक्ट करने पर हमें निम्नलिखित स्क्रीन प्राप्त होती है।  

Company Features →Inventory Features

 
1.General
 

(a) Integrate accounts and inventory: यह फील्ड भी अकाउंटिंग फीचर्स में वर्णित किए गए कार्यों को ही निष्पादित करती है।
 

(b) Allow Zero Valued entries: यदि हम शून्य मूल्य की प्रविष्टियाँ करना चाहते है तो इस ऑप्शन को Yes पर सेट किया जाता है।

2. Storage and Classification
 

(a) Maintain multiple God owns: यदि हमारे पास एक से अधिक स्टॉक पॉइंट /स्टोरेज लोकेशन्स/ गोडाउन विद्यमान हैं और हम इन लोकेशन्स के मध्य होने वाले स्टॉक के संचालन का हिसाब-किताब रखना चाहते हैं तो इस Options को Yes पर सेट करे। हमारे द्वारा इस options को Yes पर सेट किए जाने बाद ही Gateway of Tally>Inventory info मैन्यू में गोडाउन्स पर stock options प्रदर्शित किया जाएगा। हम प्रत्येक लोकेशन पर अपने स्टॉक्स की पहचान करने में सक्षम होने के साथ ही साथ वाउचर एंट्री के दौरान एक अथवा अधिक लोकेशन्स के लिए स्टॉक संचालन  प्रदान कर पाएँगे।

 

(b) Maintain Stock Categories: यदि हम स्टॉक केटैगरीज बनाना तथा व्यवस्थित रखना चाहते हैं तो इस options को Yes पर सेट करे। यह Stock item creation स्कीन के अंतर्गत एक नई फील्ड Category की रचना करेगा।

 

(c) Maintain batch wise details: स्टॉक आइटम्स से संबंधित बैच इंफॉर्मेशन को व्यवस्थित रखने हेतु इस options को Yes पर सेट करें| stock item creation स्कीन के अंतर्गत एक नई फील्ड Use expiry dates प्रदर्शित कर दी जाएगी।

(set expiry dates for batches): यदि हम बैचेज हेतु एक्सपायरी डेट्स सेट करना चाहते है तो इस options को Yes पर सैट करे यह stock item creation स्कीन के अंर्तगत एक अतिरिक्त फील्ड Use expiry dates Show करेगा। यह उन व्यवसायों के लिए उपयोगी होता है जो एक्सपायरी डेट्स वाले माल जैसे कि दवाइयाँ, भोजन और अन्य नाशवान पदार्थों का व्यापार करते हों। वाउचर एंट्री के दौरान डिफाल्ट रूप से वाउचर की दिनांक को ही उत्पाद के निर्माण की दिनांक के रूप में माना जाता है। 

(d) use different actual & billed Qty: यदि हम इनवॉइस तैयार करते समय actual और  billed Quantity को अलग-अलग रखना चाहते है तो इस options को Yes पर सेट किया जाता है।

 

3. Order processing

 

(a) Allow purchase order processing: purchase orders बनाने हेतु यह options yes पर सेट करें। यह फीचर परचेज ऑर्डर के प्री-क्लोजर- हेतु भी प्रयुक्त किया जा सकता है।

 

(b) Allow sales order processing: sales orders बनाने हेतु यह options yes पर सेट करे। यह फीचर सेल्स ऑर्डर के प्रीआर्डर क्लोजर हेतु भी प्रयुक्त किया जा सकता है।

 

4. Invoicing
(a) Allow Invoicing: यह फील्ड भी अकाउंटिंग फीचर्स में वर्णित कार्यों का ही निष्पादन करती है।

 

(b) Use debit/credit notes: यह फील्ड भी अकाउंटिंग फीचर्स में वर्णित किए गए कार्यों का ही निष्पादन करती है।

 

Use invoice mode for debit notes: यह फील्ड भी अकाउंटिंग फीचर्स में वर्णित कार्यों का ही निष्पादन करती है।
 

Use invoice mode for credit notes:  यह फील्ड भी अकाउंटिंग फीचर्स में वर्णित कार्यों का ही निष्पादन करती है।
 

5. Purchase Management
Track additional of purchase: यह फील्ड भी अकाउंटिंग फीचर्स में वर्णित किए गए कार्यों का ही निष्पादन करती है!

 

6. Sales Management
Use Multiple price levels: Multiple price levels निर्मित करने हेतु इस विकल्प को Yes पर सेट किया जाता है।

 

7. Additional Inventory Vouchers


(a) Use tracking numbers (delivery/receipt notes): यदि हम डिलीवरी नोट्स और invoice / bills के मध्य संबंध बनाए रखने के लिए ट्रेकिंग नम्बरों का उपयोग करना चाहते हैँ तो इस विकल्प को Yes पर सेट करे। यह परचेज और सेल्स दोनों के लिए उपलब्ध है।

(b) Use rejection inward/outward notes: यदि हम माल की अस्वीकृति का रिकॉर्ड किसी सामान्य डेबिट नोट या क्रेडिट नोट के माध्यम से नहीं बल्कि अलग से रखना चाहते तो इस विकल्प को Yes पर सेट करे।

Lesson -4 

Groups

ग्रुप एक ही तरह के लेजर्स का संग्रह होता है, हम एक ही तरह के लेजर्स का कंपनी पर प्रभाव देखने के लिए इन ग्रुप्स को बनाते है | उदाहरण के लिए सभी सेल्स लेजर को Sales account ग्रुप में लेते है |

 

Predefined Groups of Accounts

Tally.ERP9 में पहले से ही 28 पूर्व निधारित ग्रुप होते  है| जिसमें से 15 प्राइमरी ग्रुप और 13 सब- ग्रुप होते है |

 

How to Create New Group

 

Group: एक ही नेचर के लेजर्स के कलेक्शन को ग्रुप कहा जाता है | टैली में पहले से ही कई ग्रुप बने होते है, लेकिन आप स्वयं का कोई ग्रुप  बनाना चाहते है तो निम्न प्रोसेस को follow करना होगा |

Gateway of Tally → Account Info.→ Groups→ Single Group→ Create

1. Name: ग्रुप का नाम यहाँ एंटर करे |

 

2. Alias: रेफरेन्स के लिए अगर आप अलग नाम चाहते है तो यहाँ दे|

 

3. Under: टैली में पहले से ही define ग्रुप में से काई भी पैरेंट ग्रुप को सिलेक्ट करे|

 

4. Group behaves like a Sub-Ledger: अगर आपने यहाँ Yes सिलेक्ट किया तो यह ग्रुप लेजर के लिए कंट्रोल अकाउंट कि

तरह काम करगा| यानी सिफ ग्रुप का बैलेंस दिखेगा ना कि लेजर के हिसाब से |

 

5. Net Debit/Credit Balances for Reporting: अगर आपने यहाँ Yes सिलेक्ट किया तो Trial Balance में अलग डेबिट और क्रेडिट बैलेंस कि जगह इस ग्रुप की नेट अमाउंट दिखेगी |

 

6. Used for calculation: अगर आप इस ग्रुप में अकाउंटिंग करते समय ड्यूटी और टास्क को लागू करना चाहते है तो यहाँ Yes सेक्लेक्ट करे|

 

Account Group list

15 Primary Groups                                               13 Sub Groups

Branch / Divisions                                                 Bank Accounts

Capital Account                                                     Bank OD A/c

Current Assets                                                       Cash-in-hand

Current Liabilities                                                Deposits (Asset)

Direct Expenses                                                    Duties & Taxes

Direct Incomes                                                       Loans & Advances (Asset)

Fixed Assets                                                            Provisions

Indirect Expenses                                                 Reserves & Surplus

Indirect Incomes                                                   Secured Loans

Investments                                                             Stock-in-hand

Loans (Liability)                                                    Sundry Creditors

Misc. Expenses (ASSET)                                    Sundry Debtors

Purchase Accounts                                               Unsecured Loans

Sales Accounts       

Suspense A/c

 

Stock Group

Create Stock Group:- Stock Group को Create करने के लिए Inventory Information Option का प्रयोग किया जाता हैं जब हम किसी भी Stock Group को Create करना चाहते हैं तो Gateway of tally के अंर्गत Inventory Information नाम से एक option मिलता हैं इसे हम “I” Key को Press कर Open सकते हैं या फिर Inventory Information को Select and enter key press करते हैं।

 

जिससे inventory information option का sub menu display हो जाता हैं इस menu में 5 option रहते हैं। जैसे Stock Group, Stock Item, Voucher Type, Unit of Measure, Quit .

 

इन Option में Stock group को select कर enter key press करते हैं जिससे stock group creation window display होती हैं।

 

इस window में सबसे पहले stock group का name और under option को fill करेगे। stock group creation window में inventory के अंतर्गत आने वाली stock item को classify कर सकते हैं।

 

उदाहरण:- यदि हम किसी Television company में अलग-अलग Brand के Television बेचते हैं तो सभी Brand के नाम अलग -अलग होते हैं लेकिन सभी का Group Television होता हैं।

इस ऑप्शन का use व्यापार में प्रयोग होने वाले main stock की entry करने के लिए किया जाता हैं|

Gateway of Tally

Inventory info

Stock group

Single stock group

Stock name

Under group – Primary

Accept

 

Display Group

हम Single अथवा Multiple modes में Groups को Display कर सकतें हैं। चूंकि यह केवल Display mode है, अतः टैली हमें Display mode में कोई भी इंफॉर्मेशन बदलने की Permission नहीं देता है।

1. Single Mode: Gateway of tally→ Accounts info→ Group→ Display (under single group) पर जाएँ |

यहाँ हमें ग्रुप्स की लिस्ट मिलेगी अपनी आवश्यकतानुसार ग्रुप का नाम सिलेक्ट करें।

 

Display Group

Tally में पहले से बने हुए Stock group को display करने के लिए display group option का प्रयोग किया जा सकता हैं|

इसके लिए “D” Key को प्रयोग कर List of Group को दिखाया जा सकता हैं। यदि हमे किसी भी Stock item की detail में information की आवश्‍यकता हैं तो उसे group को select कर enter key press करते हैं |जिससे उस group की detail information display हो जाती हैं।

Stock items are the primary inventory entity, like Ledgers. Usually, it means Item or Product, which can be buying, selling.

 

Gateway of Tally

Inventory info

Stock Group

Display

Select Stock Group

 

इसके बाद हमें group display स्कीन प्राप्त होगी |

 

2. Multiple Mode: Gateway of tally →Accounts info→ Group→ Display (under Multiple group) जाएं।

 

अब सिलेक्टेड ग्रुप के अंतर्गत सभी ग्रुप को display करने के लिए list of groups को सिलेक्ट करे। सभी ग्रुप्स को display करने के लिए हम all item को भी सिलेक्ट कर सकते हैं। Multi group display स्कीन द्वारा ग्रुप्स को और ग्रुप्स के अंतर्गत विवरणों को listed किया जाएगा ।

Alter Group

ग्रुप में किसी भी इंफॉर्मेशन को परिवर्तित करने के लिए मेन्यू से alter को सिलेक्ट करते हुए हम Single अथवा Multiple Group को परिवर्तित कर सकते हैं।

ग्रुप तैयार करने के बाद अगर आपको इसमें बदलाव करना है तो Single and Multiple Groups से alter को सिलेक्ट करे|

 

Gateway of Tally → Account Info.→ Groups→ Single Group→ Alter

 

1. Single Group: Gateway of Tally →Accounts info →Group →Alter (under single group) पर जाएँ | List of group’s से वह Group चुने जिसे हम बदलना चाहते हैं, अपनी आवश्यकता के अनुसार Changes करे । और Changes को Save करने के लिए Yes पर क्लिक करें।

2. Multiple Group: Gateway of Tally → Accounts info →Group → Alter (under Multiple Group) पर जाएँ| List of group’s से वह Group Select कीजिये। जिसमें हम Changes करना चाहते हैं | Multi group alteration स्कीन के अंतर्गत अपनी आवश्यकता के अनुसार Changes करे । और Changes को Save करने के लिए Yes पर क्लिक करें।

 

 Delete Group

Tally में Single alteration मोड के माध्यम से डिलीट फंक्शन प्रयोग किया जाता है । हम Multiple alteration मोड से ग्रुप्स को डिलीट नहीं कर सकते हैं। ग्रुप को डिलीट करने के लिए Gateway of Tally→ Accounts info→ Groups→ Alter (under single group) पर जाएँ|

 

Alter को Select करने पर Groups की List Display होगी |

 

यहाँ पर डिलीट किए जाने वाले ग्रुप जो सिलेक्ट करे और Alt+D दबाएँ। अब ग्रुप को डिलीट करने के लिए एक मेसेज डिस्प्ले होगा यदि ग्रुप डिलीट करना चाहते है तो Yes पर click करे अन्यथा No पर click करे |

कार्य चल रहा है

कुछ ही समय में सब ठीक हो जायेगा  

आपके असुविधा के लिए हमें खेंद है 

​धन्यवाद 

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